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जानिए क्यूँ हर तरफ़ शोर है की 23 सितम्बर को पृथ्वी का अंत होगा। ये विज्ञान है इसका आधार

अजब ग़ज़ब

क्या 23 सितंबर को दुनिया खत्म हो जाएगी? सोशल मीडिया पर यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल दुनिया भर में कॉन्सिपियेरसी विचारकों का दावा है कि 23 सितंबर को एक ग्रह पृथ्वी से टकराने वाला है। इसके पृथ्वी से टकराते ही धरती पर जीवन का अंत हो जाएगा। हालांकि वैज्ञानिक ऐसी किसी आशंका से इनकार कर रहे हैं।प्लेनेट एक्स-द 2017 अराइवल के लेखक डेविड मिडे का दावा है कि 23 सितंबर 2017 को प्लेनेट एक्स के नाम से जाना जाने वाला ग्रह निबेरू धरती से टकराएगा।

वैज्ञानिक इस ग्रह के अस्तित्व से इनकार कर रहे हैं लेकिन डेविड अपने दावों को लेकर आश्वस्त है। डेविड का कहना है कि पवित्र धर्मग्रंथ बाइबल को पढऩे के बाद वह अपने दावे को लेकर आश्वस्त है।

डेविड के साथ साथ अन्य कॉस्सिपियेरसी विचारकों ने ओल्ड टेस्टामंट (बाइबल का पहला खंड) के चैप्टर 13 की 9 वीं और 10 वीं आयत का हवाला दे रहे हैं। इसमें लिखा है, देखो, कयामत का दिन आ रहा है। एक निर्दयी दिन, जो क्रोध और भयंकर गुस्से के साथ इस भूमि को उजाड़ देगा और उसमें रहने वाले पापियों का नाश कर देगा। स्वर्ग के सितारे और उनके तारामंडल अपनी रोशनी नहीं दिखाएंगे।

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उगता हुआ सूरज अंधकारमय हो जाएगा और चंद्रमा अपना प्रकाश नहीं दे पाएगा। डेविड के मुताबिक 21 अगस्त को अमरीका में पड़ा पूर्ण सूर्यग्रहण इस बात का सबूत है कि धरती के अंत का समय अब करीब है। विनाश की शुरुआत इस सूर्यग्रहण के साथ हो चुकी है। मान्यता है कि निबेरू ग्रह के एलियंस ने ही हम इंसानों को धरती पर जन्म दिया था।

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एलियंस पहली बार अफ्रीका में सोने की खान की खुदाई के लिए आए थे। उन्हें इसके लिए एक फोर्स की जरूरत थी। इसी कारण उन्होंने इंसान बनाए।

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