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राम-रहीम साध्वी के यौन शोषण में दोषी घोषित,जज ने तय्यार किया था 500 पन्नों का ये फ़ैसला-हंगामा शुरू

National

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को साध्वी से यौन शोषण का दोषी करार दिया गया है. सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट ने राम रहीम को जेल भेजने का आदेश दिया है. राम रहीम को सजा की खबर से देशभर में फैले राम रहीम के लाखों समर्थकों में दुख की लहर फैल गई है. खासकर हरियाणा और पंजाब में तो समर्थकों की भीड़ ने सरकार के हाथ-पैर फुला दिए हैं.

जमानत मिलने तक जेल मे रहेंगे राम रहीम

राम रहीम को कोर्ट ने 7 साल की सजा सुनाई है. नियमों के मुताबिक अगर किसी अभियुक्त को पांच साल से ज्यादा की सजा सुनाई जाती है तो उसे ऊपरी कोर्ट से जमानत लेनी होती है. यानी बाबा राम रहीम को अब हाईकोर्ट से जमानत लेनी होगी. जब तक जमानत नहीं मिलती तब तक उन्हें जेल में ही रहना होगा.

15 साल पहले दर्ज हुई थी शिकायत

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सिरसा के डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ ये मामला तब चर्चा में आया था जब अप्रैल 2002 में एक साध्वी ने चिट्ठी लिखकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को यौन शौषण की शिकायत भेजी. हाईकोर्ट ने इस चिट्ठी के तथ्यों की जांच के लिए सिरसा के सेशन जज को भेजा और इसके बाज इसी साल दिसंबर में सीबीआई ने राम रहीम पर धारा 376, 506 और 509 के तहत मामला दर्ज कर लिया.

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शिकायतकर्ता साध्वी को तलाशने में ही जांच एजेंसियों को चार साल लग गए. साध्वी के बयान लेने के बाद बाबा राम रहीम के खिलाफ जुलाई 2007 में सीबीआई ने अंबाला सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट फाइल की जहां से ये केस बाद में पंचकूला शिफ्ट हो गया. केस की सुनवाई के दौरान 52 गवाह पेश किए गए, इनमें 15 प्रॉसिक्यूशन और 37 डिफेंस के थे. जून में डेरा प्रमुख के विदेश जाने पर कोर्ट ने रोक लगा दी और जुलाई में इस मामले की रोज सुनवाई के निर्देश दिए. इसका असर ये हुआ कि इसी महीने 17 अगस्त को इस मामले में बहस पूरी हुई और 25 अगस्त के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया गया. आज कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है.

सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ पंचकूला आए राम रहीम

इससे पहले आज सुबह तकरीबन साढ़े 8 बजे बाबा गुरमीत राम रहीम अपने साथ सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ सिरसा के अपने डेरे से पंचकूला कोर्ट के लिए निकले. उनके इस काफिले की सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा बंदोबस्त किए गए थे. हेलिकॉप्टर और ड्रोन कैमरे से काफिले पर नजर रखी जा रही थी. काफिले के साथ जैमर लगी गाड़ियां भी चल रही थीं.

इसके अलावा हरियाणा, पंजाब पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भी बड़े पैमाने पर तैनाती की गई है. सेना ने भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए और डेरा समर्थकों की संभावित हिंसा के मद्देनजर फ्लैग मार्च किया. हरियाणा और पंजाब के कई जिलों में इंटरनेट सेवाएं पहले ही बंद कर दी गई हैं. यही नहीं इन दो राज्यों से गुजरने वाली दो दर्जन से ज्यादा ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया है. बसों की आवाजाही भी ठप है और कुछ इलाकों में कर्फ्यू भी लगाया गया है.

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