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अलगाववदीयों का केस लड़ने को देश का कोई भी वक़ील राज़ी नहीं हुआ। बल्कि कर डाली ये माँग 

देश

New Delhi: NIA द्वारा टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार किए गए कश्मीर के अलगाववादी नेताओं का केस लड़ने को कोई भी वकील तैयार नहीं है। वकीलों का कहना है कि देश के गद्दारों का केस कभी भी सूरत में नहीं लड़ेंगे।

पटियाला हाउस की एनआईए कोर्ट में देश से गद्दारी करने वाले इन अलगाववादी नेताओं पर केस चल रहा है। एक वकील ने बताया कि पाकिस्तान से पैसा लेकर पत्थरबाजों और आतंकियों को देते हैं। ऐसे में देश का कोई भी वकील उनका केस कैसे लड़ सकता है।

उधर, अलगाववादी नेता वकील न मिलने से परेशान हैं और ऐसे में वे कश्मीर में अलगाववादियों का समर्थन करने वाले कुछ कश्मीरी वकीलों की तलाश कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक हुर्रियत के कुछ नेता जिनमें शब्बीर शाह और सैयद अली शाह गिलानी अहम हैं, लगातार ऐसे वकीलों के संपर्क में हैं, जो कश्मीर के अलगाववादी नेताओं के लिए काफी सहानुभूति रखते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं इन नेताओं ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एसआर गिलानी के साथ भी कांटैक्ट किया है।

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हुर्रियत नेताओं ने गिलानी को जिम्मेदारी दी है कि वह उनके लिए वकील तलाशें जो NIA की स्पेशल कोर्ट में उनकी पेशी के दौरान उनके पक्ष को मजबूती से रख सकें। गौरतलब है कि गिलानी साल 2001 में संसद पर हुए हमले में आरोपी थे। गिलानी को साल 2010 में बरी किया गया था। फिलहाल वह एक NGO के मुखिया हैं।

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