loading...

धोनी बोले एक पैर कट भी जाए तो भी पाकिस्तान के ख़िलाफ़ खेलूँगा।180 रन की पारी ग़ुस्से में खेली थी

Sports देश

महेंद्र सिंह धोनी, ऐसा नाम जिसे पूरी दुनिया में किसी पहचान की जरूरत नहीं है. रांची के एक छोटे से गांव से निकला ये शख्स आज कहां हैं बताने की जरूरत ही नहीं पड़ती. धोनी से जुड़ी हर बात अनोखी है. आप चाहें धोनी से नफरत करें या प्यार, लेकिन आप उन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकते. श्रीलंका के खिलाफ तीसरे वनडे में धोनी ने जो किया उसने सबका दिल जीत लिया. एक तरफ जहां श्रीलंकाई फैंस मैदान में हिंसा कर रहे थे तो वहीं धोनी आराम से मैदान में लेट गए. ये तो एक घटना हुई.

लेकिन अब जो बात सामने आई है वो पूरे भारत का दिल जीत लेगी. राष्ट्रीय टीम के सेलेक्टर एमएसके प्रसाद ने इस बात का खुलासा किया है कि महेंद्र सिंह धोनी भारत के लिए खेलने के लिए कितनी जुनूनी है. हालाँकि, इस बात पर किसी को शक नहीं है लेकिन जो बात अब सामने आई है वो धोनी के प्रति आपकी इज्जत और बढ़ा देगी.

Loading...

एक इवेंट में हिस्सा लेने पहुंचे प्रसाद ने ऑफ रिकॉर्ड बताया कि एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच में धोनी की पीठ में काफी दर्द था लेकिन इसके बाद भी उन्होंने मैच खेला.

You May Like These Too!
loading...

उस वाक्ये को याद करते हुए प्रसाद ने बताया ‘मैच से एक दिन पहले धोनी देर रात जिम में मेहनत कर रहे थे. ज्यादा वजन उठाने के कारण उनकी पीठ की नस चढ़ गयी और काफी दर्द होने लगा. गनीमत ये रही कि वजन उनके ऊपर नहीं गिरा. वो ढंग से चल भी नहीं पा रहे थे. उन्होंने इमरजेंसी घंटी बजायी और फिर मेडिकल टीम तुरंत पहुंची. इसके बाद उन्हें स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा.’

उन्होंने आगे बताया कि, जब मैं ढाका पहुंचा तो पत्रकारों ने मुझसे धोनी के बारे में सवाल करना शुरू कर दिया, लेकिन मेरे पास कोई जवाब नहीं था. इसके बाद मैं धोनी के पास गया और मामला जानना चाहा. तब उन्होंने मुझसे कहा ‘चिंता न करिये एमएसके भाई.’ जब मैंने उनसे पूछा कि पत्रकारों से क्या कहूँ, तब भी उन्होंने कहा ‘चिंता न करिये एमएसके भाई.’

अगले दिन जब मैं उनके पास पहुंचा तो स्थितियां ठीक नहीं थी. वो अपने आप उठ भी नहीं पा रहे थे. जब मैंने पूरा वाक्या मुख्य सेलेक्टर संदीप पाटिल को बताया तो उन्होंने धोनी के बदले पार्थिव को बुला लिया. एशिया कप के नियम के मुताबिक आपको अपनी टीम मैच से 24 घंटे पहले बतानी होती है.

हालांकि, मैं एक बार फिर रात में महेंद्र सिंह धोनी के पास गया और देखा वो अपने कमरे में नहीं थे. जब मैंने ऊपर जाकर देखा तो वो चलने की कोशिश कर रहे थे. उससे ज्यादा हैरानी की बात ये थी कि टीम की घोषणा से पहले धोनी ने खुद आकर बताया कि वो खेलने को तैयार हैं.

उसी रात उन्होंने मुझे बुलाया और कहा ‘एमएसके भाई आप क्यों इतना परेशान हो रहे थे. अगर मेरे पास मेरी एक टांग नहीं भी होगी तब भी मैं पाकिस्तान के खिलाफ जरूर खेलूंगा.’ उसके बाद अगले दिन जो मैच में हुआ वो इतिहास है.

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Jagruk Indian के फेसबुक पेज को लाइक करें

Loading...