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पर्रिकर के बयान के अनुसार टाइप 1 बीफ़ की कमी नहीं होने दी जाएगी।टाइप 1 नहीं होता गौमांस लेकिन उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया 

देश

कुछ तथ्य:सामान्य भाषा में जिसे बीफ कहते हैं, वह तीन प्रकार का होता है:१) भैंस का मीट २) भैंस का / अन्य गौवंश जैसे बैल का मीट ३) गाय का मीट

प्रायः बीफ शब्द सुनते ही काफी सारे हिन्दू मित्र भड़क उठते हैं. यद्यपि हमारी समस्या टाइप 3 वाले बीफ से है अर्थात गाय का मीट. अधिसंख्य हिन्दू गाय को माता मानते हैं और गौ हत्या जघन्य अपराध. मैं गिरधारी लाल गोयल जी से पूर्ण सहमत हूँ कि सरकार को तीनों तरह के बीफ का नाम अलग अलग कर देना चाहिए. नब्बे प्रतिशत कनफूजन ख़त्म हो जाएगा. हिन्दुवों में भी काफी सारे लोग नॉन वेज होते हैं. और मुझे नहीं लगता टाइप 1 / 2 से किसी की भी भावनाएं आहात होती है.. हाँ उत्तर भारत के द्रष्टिकोण से टाइप ३ बीफ जघन्य अपराध है.

एक कुतर्क प्रायः दिया जाता है. भारत बीफ का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है. इसका उत्तर यह है कि भारत टाइप 1 बीफ का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है. टाइप 3 बीफ भारत से निर्यात पर भी बैन है.

कल गोवा में चीफ मिनिस्टर पारिकर ने बोला कि प्रदेश में बीफ की कमी नहीं होने दी जायेगी. तथ्य यह है कि गोवा में गौ हत्या १९७८ से प्रतिबंधित है, अर्थात टाइप 3 बीफ नहीं . मैं तो अभी हाल ही में गोवा गया था, परेशां हो गया था कहीं भी जाइए इतनी गाय कि जितनी अपने गाँव देहात में नहीं दिखती.

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१९९६ में गोवा में दूसरा क़ानून आया. उसमें यह तक नियम लगा दिया गया कि टाइप २ और टाइप १ भी केवल सरकार के बूचड़ खाने में ही मिल सकता है. गोवा शायद भारत का इकलौता प्रदेश होगा जहाँ बूचड़ खाना सरकार के कण्ट्रोल में है. टाइप १ और टाइप २ भी सरकारी डॉक्टर / अधिकारी प्रमाणित करते हैं कि यह अब अयोग्य हो गए हैं, तभी उन्हें बूचड़ खाने में ले जाया जा सकता है. गोवा के सन्दर्भ में जब कोई बयान आये तो वह टाइप 1 और टाइप 2 बीफ को लेकर होता है न कि टाइप 3.

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गोवा से सटे कर्नाटक में भाजपा गौहत्या विरोधी बिल लाइ थी अपनी सरकार में. २०१२ का चुनाव कांग्रेस ने इसी मुद्दे पर लड़ा था कि अगर वह जीत गई तो इस बिल को कैंसिल कर देगी और कर्नाटक में टाइप 3 अर्थात गौ मांस मान्य कर देगी. भाजपा चुनाव हार गई, कांग्रेस ने सत्ता में आते ही वही किया जो उनका वादा था. कर्नाटक भारत के उन बड़े प्रदेशों में है जहाँ अब गौहत्या गैर कानूनी नही है.

यह फैक्ट्स हैं. तथ्य. बाकी कुतर्क पचास हो सकते हैं.

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