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जानिए प्रधानमन्त्री भारतीय मीडिया को भाव क्यों नहीं देते 

देश

प्रधानमन्त्री भारतीय मीडिया को भाव क्यों नहीं देते लुटियंस पत्रकार करण थापर की शिकायत !!!द इकोनामिस्ट समाचार समूह के साऊथ एशिया के व्यूरो चीफ एडम रावर्ट ने पिछले तीन वर्षो में भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र दामोदरदास मोदी के कई इंटरव्यू लिए है इन इंटरव्यू को पढने के बाद भारत में लुटियंस मीडिया के बड्डे वाले पत्रकार करण थापर के पेट में मरोड़ उठनी शुरू हो गयी की मोदी लुटियंस मीडिया के पत्रकारों को समय क्यों नहीं देते ( .मोदी इन पत्रकारों को भाव क्यों नहीं देते ,लेकिन मेरा मानना है की करण थापर का मानव मनोविज्ञान , इंटेलीजेंसिया , पत्रकारीय मनोविज्ञान , समाज ज्ञान , लगभग शून्य अवस्था में है ,

जिस तरह चरित्रवान पुरुष वेश्याओं से पर्याप्त दुरी बनाये रखते है उसी तरह मोदी भी पेड़ मीडिया , एजेंडा मीडिया , दोगली मीडिया ,बिकाऊ मीडिया , दल्ली मीडिया , देशद्रोही मीडिया , भारत के दुश्मन देशो की गाईड लाइन पर चलने वाली विशेष प्रजाति की मीडिया को मुहं लगाना , समय देना , साथ रखना उचित नहीं समझते 

अब एक दूसरा मुद्दा लोकतंत्र से संदर्भितलोकतंत्र में जनता के द्वारा चुना गया प्रधानमन्त्री डायरेक्ट जनता के प्रति जवाबदेह होता है वह दौर दूसरा था जबके प्रधानमन्त्री जनता से संपर्क न रखके मीडिया के जरिये जनता से जुड़ते थे लेकिन मोदी किसी मध्यस्त की बजाय अगर डायरेक्ट जनता से जुड़ने का स्वाभाव रखते है तो ये लोकतंत्र के लिए जादा वेहतर है अंतिम बात यह की मोदी मनमोहन की तरह बैक डोर से प्रधानमन्त्री नहीं बने बल्कि तीन वार के मुख्यमंत्री भी है और उन्होंने लोकसभा चुनाव भी जनमत से जीता है

इसलिए उन्होंने उस लम्बे दौर में लुटियंस मीडिया की औकात एजेंडा और बिकाउपने को बहुत अच्छे से जान लिया है इसलिए कोई भी जिम्मेदार समझदार प्रधानमन्त्री अपना समय ऐसे घटिया लोगो के लिए लिए बर्वाद इसलिए भी नहीं करेगा क्योकि उनके पास देश के लिए ही बहुत काम है !

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