loading...

इजरायल के सहयोग से बनने वाले इस मिसाइल सिस्टम का प्रॉजेक्ट परवान चढ़ा ! ख़ासकर चीन के लिए है 

देश

भारतीय सेना के एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए इजरायल के सहयोग से मीडियम रेंज की सरफेस टु एयर मिसाइल सिस्टम विकसित करने का फैसला किया गया है। इसकी रेंज 70 किलोमीटर होगी। इस मिसाइल सिस्टम को भारतीय सेना की तत्काल ऑपरेशनल जरूरत के तौर पर देखा जा रहा है।


सेना और रक्षा संगठन डीआरडीओ ने मिसाइल सिस्टम के लिए हाल में सहमति पत्र पर साइन किए हैं। 17 हजार करोड़ रुपये के इस प्रॉजेक्ट में 3-3 मिसाइल वाले 4 लॉन्चर होंगे। यह प्रॉजेक्ट फिलहाल एक रेजिमेंट को कवर करेगा, जबकि 5 रेजिमेंटों में इसकी जरूरत समझी जा रही है। फिलहाल मीडियम रेंज में भारत के पास दो मिसाइल सिस्टम हैं, 10 किलोमीटर क्षमता वाला ओएसए-एके और 24 किलोमीटर क्षमता वाला क्वाद्रथ सिस्टम।

मिसाइल सिस्टम का विकास इजरायल की कंपनी आईएआई के सहयोग से होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की इजरायल यात्रा के तुरंत बाद इस प्रॉजेक्ट का परवान चढ़ना अहम है। यह प्रॉजेक्ट मेक इन इंडिया के लिए भी अहम होगा, क्योंकि मिसाइल सिस्टम के ज्यादातर उपकरण स्वदेशी होंगे। इस प्रोजेक्ट में भारत के डिफेंस पीएसयू और प्राइवेट इंडस्ट्री को भी हिस्सा लेने का मौका मिलेगा।

इसे न सिर्फ आर्मी के एयर डिफेंस की क्षमता को मजबूत करने के लिए, बल्कि तीनों सेनाओं की क्षमता को एकसार बनाने के लिए इसे बेहद जरूरी समझा जा रहा है। मिसाइल सिस्टम 50 किलोमीटर की दूरी से एक साथ कई हवाई निशानों को साध सकता है। सूत्रों ने बताया है कि यह सिस्टम बेहद अडवांस्ड और हर मौसम में काम करने वाला होगा। इस मोबाइल सिस्टम में 360 डिग्री मूवमेंट की क्षमता होगी। यह बलिस्टिक मिसाइलों, एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर और ड्रोन नष्ट कर सकता है।

Loading...

You May Like These Too!
loading...
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Jagruk Indian के फेसबुक पेज को लाइक करें

Loading...