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24 साल के बिहार टॉपर का ये विडीओ इंटर्व्यू पास हुए 34% की भी पोल खोल देगा। बर्बाद हो चुका है बिहार ज़रूर देखें

देश

इंटर आर्ट्स के टॉपर के तो क्या कहने? टॉपर कॉलेज के प्राचार्य भी गजबमुजफ्फरपुर [जेएनएन]। आर्ट्स के बिहार टॉपर गणेश कुमार को हिंदी व संगीत का बेसिक ज्ञान नहीं है। उसे यह भी याद नहीं कि संगीत व हिंदी में किस तरह के सवाल पूछे गए थे। संगीत में सुर-ताल और अंतरा-मुखरा के बारे में भी जानकारी नहीं।वह स्वयं हैरान है कि वह टॉप कैसे कर गया? उसके जवाब चीख-चीखकर यही बता रहे हैं कि परीक्षा प्रकिया में भारी गड़बड़ी हुई है। जिस स्कूल में कभी रेगुलर पढ़ाई नहीं होती, वहां के शिक्षक सुदृढ़ पढ़ाई व्यवस्था का दावा कर रहे हैं।

प्रभारी प्रिंसिपल नहीं जानते बिहार के राज्यपाल कौन हैं प्रभारी प्राचार्य अभितेंद्र स्वयं को बिहार यूनिवर्सिटी से एमकॉम बताते हैं। उनसे सवाल पूछा गया कि बिहार के वर्तमान राज्यपाल कौन हैं, इसका उत्तर वे नहीं दे सके। उनकी मानें तो भारत के उप राष्ट्रपति हमिद करजई हैं? सूबे में शिक्षा व्यवस्था कैसी है, इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।इंटर टॉपर को संगीत का बेसिक ज्ञान भी नहीं
रिजल्ट आने के तीन दिनों बाद गणेश कुमार गुरुवार को समस्तीपुर के चकहबीब स्थित अपने स्कूल में पहुंचा। जागरण से हुई बातचीत में वह किसी प्रश्न का सही जवाब नहीं दे पाया। इस क्रम में कभी सकपकाया तो कभी घबराया। विडीओ देखने के लिए नीचे स्क्रोल करें 

म्यूजिक के संबंध में पूछने पर सा…रे….गा….मा सुनाया। संगीत का बेसिक ज्ञान तो नहीं, लेकिन उसने हारमोनियम जरूर बजाकर दिखाया। म्यूजिक के क्षेत्र में चर्चित राजघराने के संबंध में भी सही उत्तर नहीं दे सका। संगीत लेने की वजह बताया कि इस विषय में नंबर अधिक आता है। अगस्त क्रांति कब हुई, उसे बिल्कुल याद नहीं है. एक सवाल के जवाब में कहा कि गिरिडीह में एडमिशन के लिए अधिक पैसे मांगे जा रहे थे, इसलिए नामांकन नहीं करा सका। यहां नियमित कक्षा करने की बात कही। ज्यादा उम्र में परीक्षा देने के सवाल पर कहा कि पढ़ाई का मौका नहीं मिला। कुछ करना चाहते हैं। इसलिए पढ़ाई की इच्छा हुई। मन में था कि कहीं से कुछ करना है। इसलिए समस्तीपुर आ गया।विडीओ देखने के लिए नीचे स्क्रोल करें 

स्टेट टॉपर गणेश कुमार को परीक्षा में 429 अंक मिले हैं। वह गिरिडीह के सरिया का रहने वाला है। म्यूजिक में उसे 70 में से 65 अंक मिले हैं। हिंदी में 92 नंबर आए हैं। बोर्ड की 12वीं की परीक्षा छात्र की उम्र अधिकतम 17 साल होती है, मगर उसने 24 वर्ष में परीक्षा दी।स्कूल में संसाधन की कमी, दावा बेहतर पढ़ाई का गणेश ने जिस रामनंदन सिंह जगदीप नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय, चकहबीब (शिवाजीनगर) से परीक्षा फार्म भरा, वह पूरी तरह साधनविहीन है। यह स्कूल भाजपा नेता जवाहर प्रसाद सिंह और उनके सहायक प्रिंसिपल बेटे अभितेंद्र का है।विडीओ देखने के लिए नीचे स्क्रोल करें 

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साधन-संसाधन की कमी के बाद भी 2013 में बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड के चेयरमैन प्रो. राजमणि सिंह ने संबद्धता प्रदान की थी। स्कूल में संगीत व हिंदी के बेहतर शिक्षक भी नहीं हैं। गणेश ने जब फॉर्म भरा तो विषय में होम साइंस, म्यूजिक, हिंदी, अंग्रेजी, मनोविज्ञान लिखा था। बाद में होम साइंस के स्थान पर सोशल साइंस ले लिया।विडीओ देखने के लिए नीचे स्क्रोल करें 

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प्रभारी प्राचार्य की मानें तो नामांकन की तिथि हेड क्लर्क की गलती के कारण फॉर्म पर अंकित नहीं हो सका था। म्यूजिक टीचर के आलोक में कहते हैं कि पहले महिला शिक्षक थी। स्थाई नौकरी लगने के कारण यहां से चली गईं। फिलहाल गेस्ट टीचर से काम चलाया जा रहा है।

कहा-जिला शिक्षा पदाधिकारी ने
-‘इस मामले में नजर रखी जा रही है। फिलहाल वरीय पदाधिकारियों की ओर से जांच का निर्देश नहीं मिला है। -बीके ओझा, जिला शिक्षा पदाधिकारी

कहा-प्रभारी प्राचार्य ने
‘हमारे विद्यालय से कला संकाय में 155 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, लेकिन इसमें 53 ही पास हो सके। इसमें गिरिडीह का गणेश बिहार टॉपर है। वह समस्तीपुर में रहकर नियमित पढ़ाई करता था।’
-अभितेंद्र, प्रभारी प्राचार्य, रामनंदन सिंह, जगदीप नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय, चकहबीब।

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