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मोदीनीति: भारत बनेगा SCO मेंबर, PAK ने हमला किया तो 6 देश देंगे युद्ध में भारत का साथ 

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यह दुनिया का पहला मिलिट्री को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन है। एक्सपर्ट के मुताबिक इसका मेंबर बनने के बाद अगर पाकिस्तान भारत पर हमला कर दे तो चीन-रूस समेत इसके बाकी 4 मेंबर्स को भारत का साथ देना होगा।

NEW DELHI: 4 यूरोपीय देशों के दौरे पर निकले नरेंद्र मोदी बुधवार को रूस पके प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन से मिले। इस विजिट में सबसे अहम तमिलनाडु के कुडनकुलम न्यूक्लियर प्लान्ट की दो यूनिट बनाने के लिए रूस से मदद लेना है।मोदी के स्वागत में पुतिन ने अपनी पल्के बिछाई और ऐसे पेश आए जैसे उनका जन्मों जन्मों का नाता हो। इस मौके पर पीएम ने कहा, “भारत और रूस के रिश्ते में कभी उतार-चढ़ाव नहीं आए।” इससे पहले मोदी पिस्कारोवस्कोए सिमिट्री गए, जहां सेकंड वर्ल्ड वॉर के दौरान मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। बता दें कि मोदी सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) समिट में शामिल होंगे।

रूस के बाद मोदी फ्रांस जाएंगे। पुतिन के साथ मुलाकात के बाद मोदी ने कहा, “रूस और भारत दोनों सभी के लिए खुशी और फायदे में यकीन करते हैं। दोनों देशों और यहां के लोगं के बीच दोस्ती और विश्वास का खास रिश्ता है।” “हमने ने हर रिश्ते में उतार-चढ़ाव देखा, लेकिन भारत और रूस के रिश्तों में कभी उतार-चढ़ाव नहीं आया।”

इस मौके पर पुतिन ने कहा, “भारत जल्द ही शंघाई कॉरपोरेशन ऑर्गनाइजेशन (SPO) का हिस्सा बन जाएगा।” रूस पहुंचने पर मोदी का ट्वीट- ऐतिहासिस सेंट पीटर्सबर्ग पहुंच गयाभारतीय ऑफिशियल्स के मुताबिक, “हम कुडनकुलम प्लान्ट की यूनिट 5 और 6 बनाने के लिए रूस की मदद चाहते हैं। इसके लिए एग्रीमेंट पर काम चल रहा है।” अब अगर पाकिस्तान भारत पर हमला करता है तो पाकिस्तान पर 6 देश हमला कर देंगे और भारत का साथ देंगे।

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अगर भारत-रूस के बीच न्यूक्लियर प्लान्ट की 2 यूनिट बनाने की डील होती है तो दोनों में 1000 मेगावॉट की बिजली बनाई जा सकेगी। मौजूदा वक्त में देश में 22 रिएक्टर्स में 6 हजार 780 मेगावॉट बिजली बनाने की कैपिसिटी है। 2015 में मोदी-पुतिन ने एक करार पर साइन किए थे। इसके मुताबिक, दिसंबर 2016 में न्यूक्लियर यूनिट्स के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा।

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भारत और पाकिस्तान अगले हफ्ते अस्ताना समिट में शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) के परमानेंट मेंबर बन जाएंगे। यह आॅर्गनाइजेशन चीन के सपोर्ट वाला है और खुद चीन ने यह बात कही है। यह दुनिया का पहला मिलिट्री को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन है। एक्सपर्ट के मुताबिक इसका मेंबर बनने के बाद अगर पाकिस्तान भारत पर हमला कर दे तो चीन-रूस समेत इसके बाकी 4 मेंबर्स को भारत का साथ देना होगा। बता दें कि कजाकिस्तान के अस्ताना शहर में 8 और 9 जून को एससीओ की समिट होने वाली है। .

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