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संघी कहा तो शहला रशीद पर भड़के अशोक पंडित, बोले – आंतकियों के साथ सोने के बजाए संघी होना ज्यादा बेहतर है

आतंकवाद देश भारत व्यंग्य

पिछले साल फरवरी में JNU में हुए विवाद के बाद से देश में राष्ट्रवाद को लेकर बहस शुरू हो गई. अब दिल्ली यूनिवर्सिटी में हुए विवाद के बाद ये बहस एक बार फिर शुरू हो गई है. इस बहस में देश राष्ट्रवादी व एंटी-नेशनलिस्ट के नाम से दो ग्रुप में बंटा हुआ नज़र आ रहा है. खास बात ये है की दोनों ही ग्रुप खुद को देशभक्त व दुसरे ग्रुप को एंटी-नेशनल बता रहे हैं.

अब इस बहस में सेंसर बोर्ड के सदस्य अशोक पंडित और JNU स्टूडेंट शहला रशीद एक दुसरे से ट्विटर पर उलझ गये हैं और उनकी बहस लक्ष्मणरेखा पार कर चुकी है. ये पूरी बहस सेंसर बोर्ड द्वारा महिलाओं पर आधारित एक फिल्म पर बैन लगाने के बाद शुरू हुई.

सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) द्वारा फिल्म पर बैन लगाने पर शहला रशीद ने ट्वीट करते हुए लिखा – “सीबीएफसी ने एक फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया क्योंकि वह महिलाओं पर आधारित थी. सीबीएससी को पहलाज निलानी और अशोक पंडित जैसे मूर्ख संघी चलाते हैं.”

शहला रशीद द्वारा संघी कहने पर अशोक पंडित भड़क गये और खुद को प्राउड संघी कहते हुए जवाब दिया – “आंतकियों के साथ सोने और जेएनयू में भारत विरोधी नारे लगाने के बजाए संघी होना ज्यादा बेहतर है.”

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अब इस बहस पर बाकि ट्विटर यूजर्स भी कूद पड़े हैं और दोनों ग्रुप इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं. एक ग्रुप अशोक पंडित को ट्रोल करने में लगा हुआ है तो दूसरा ग्रुप शहला रशीद को.

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