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अरे आयुब नहीं आयुष है ये हरमज़दा है,लटका उलटा-मुस्लिम मीडिया चैनल ने हिंदू कर्मचारी के साथ की बर्बरता।

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जो तस्वीरें आप देख रहे हैं वो बंगाल के हिंदू की नहीं बल्कि दिल्ली के रहने वाले हिंदू लड़के की हैं जिसके साथ किसी मदरसा छाप ने नहीं बल्कि पढ़े लिखे मुस्लिम परिवार और न्यूज़ चैनल “Channel One” के मालिक बाप बेटों ने बर्बरता की हदें पार कर दी। 

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क़रीब 2 महीनों से सैलरी रोकने के बाद अचानक आयुष तिवारी को सभी दस्तावेज़ किसी नए कर्मचारी को सोपने को कहा गया। विरोध के रूप में आयुष ने दस्तवेस देने से मना कर दिया और कहा की पहले मेरी सैलरी का हिसाब पूरा करो और 6 महीनों से रुके ऑफ़र लेटर दो उसके बाद मैं आपके दस्तावेज़ आपके सुपुर्द कर दूँगा। इस मुद्दे को लेकर कई घंटों तक बहस चली जिसमें झूठे आरोपों में फ़साने की धमकी दी गई। इसमें कम्पनी मालिक के बेटे के ख़ास और कम्पनी के ऐड्मिन में शामिल अभिषेक नामक व्यक्ति ने एक फ़ोन के बाद इस सब की शुरुआत तक़रीबन दिन के 3 बजे की। आयुष ने बाहर जाना चाहा तो गार्ड ने उसे रोक दिया और कहा आपको बाहर नहीं जाने दिया जाएगा मालिक ने माना किया है।

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हिंदू मुस्लिम भाई भाई की सोच रखने वाले आयुष ने कहा कम्पनी के मालिक के बेटे काशिफ़ अहमद को बुलाओ वो अछे व्यक्ति हैं और मैं उनसे बात करना चाहता हूँ। काशिफ़ अपने पिता ज़हीर अहमद के साथ और बड़े भाई आरिफ़ के साथ वहाँ आए। आयुष ने बड़ी उमीद से काशिफ़ से मामला पूछा तभी उसके पिता ज़हीर ने आयुष से नाम पूछा। नाम बताने पर उसे आयुष की जगह आयुब सुनाई दिया जिसपर वो बोला की सब ख़त्म करो तभी काशिफ़ ने बात काटते हुए कहा की ये हरमज़दा है हिंदू है और आयुष नाम है इसका। 

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इसपर ज़हीर ने आयुष के थप्पड़ मरते हुए कहा की झूठ बोलता है हरामज़ादे। लेके चल ऊपेर इसे लटका उलटा। इसके बाद वे आयुष को तीसरे माले पर लेकर गए। आयुष के मुताबिक़ बिल्डिंग में लगे cctv में धक्का मुक्की और ज़बरन ऊपर ले जाते हुए तस्वीरें क़ैद हुई हैं। 

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तीसरे माले पर ले जाकर जहादीयों के चंगुल में फँस चुके आयुष को कपड़े उतारने को कहा गया और ज़बरन उसे पूरी तरह निर्वस्तत्र कर दिया गया। काशिफ़, उसके पिता और भाई नहीं रुके व उन्होंने आयुष के हाथ पैर बाँधकर डंडा फँसा कर उसे उलटा लटका दिया व नीचे पानी से भरे टब में सर डाल दिया। 

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इस पूरी बर्बरता के पहले आयुष ने समझदारी दिखाई और अपने एक मित्र को फ़ोन करके मामला उसके बड़े भाई तक पहुँचाने और पुलीस तक पहुँचाने को कहा। आयुष के भाई का फ़ोन समय पर ना मिलने पर उसके मित्र ने 100 नम्बर पर फ़ोन कर दिया जिसके बाद आयुष के पास पुलीस अधिकारी का फ़ोन आया और उन्होंने आयुष से 5 मिनट का  समय माँगा साथ ही कहा कि पुलिस के वाहन पहुँचने पर आपको सुरक्षित निकाला जाएगा। परंतु इसे भाँपते हुए ज़हीर ने आयुष का फ़ोन छीन लिया और पुलिस से आयुष का सम्पर्क नहीं हो सका।और उत्तर प्रदेश पुलिस के सिपाही वापस चले गए।

काफ़ी देर बाद जब आयुष के बड़े भाई और पिता को मामले की जानकारी आयुष के मित्र से मिली तब उन्होंने आयुष के मित्र से काशिफ़ का फ़ोन नम्बर लिए। काशिफ़ ने उन्हें अभिषेक का number दिया। अभिषेक को फ़ोन करने पर उसने तक़रीबन 3 घंटे आयुष के घरवालों को गुमराह किया की सब ठीक है और आयुष ने चोरी की थी पर सब ठीक है। इस पर ayush के भाई ने जब पुलिस को फ़ोन करने को कहा तो वो बोला की नहीं हमने नहीं किया हमें ज़रूरत नहीं लगी हमने आयुष से लिखवा लिया है और इसने लिखित में माना है और दस्तावेज़ भी दे दिए हैं। बस आप 50000रपए लेकर आ जाना या पैसों से बचना है तो आयुष को समझा दिया है की कल से काम पर आए और जो हुआ उसपर चुप रहे। 

आयुष के घरवालों को शक हुआ तो उन्होंने लगातार आयुष से सम्पर्क करने की कोशिश की। कागी समय बाद जब आयुष वहाँ से बाहर आया तब उसने अपने साथ हुई बयान बयान की। इस सबको रात के 1 बज चुके थे। 

ज़हीर ने आयुष को धमकी देते हुए कहा की मामले पर चुप रहना क्यूँकि तुम जानते हो हमारी पहुँच सरकार तक है। उलटा कल तुम ही जेल में जाओगे। 

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