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भारत के सभी परमाणु ठिकाने नष्ट करे तब भी भारत मिटा सकता है पाकिस्तान को।जानिए हिंदुस्तान की वो ताक़त जो कुछ ही के पास है।

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पाकिस्तान भारत पर एटम बम गिराने को बच्चों का खेल समझता है, उसे लगता है कि परमाणु बम 2 मिनटों में बनाए जाने वाले नूडल्स की तरह हैं, लेकिन ये पाकिस्तान की नादानी है, सच ये है कि भारत पर परमाणु हमला करने की सूरत में ज़्यादा नुकसान पाकिस्तान को ही उठाना पड़ेगा। भारत के पास 5000 किलोमीटर तक वार करने वाली अग्नि-5 मिसाइल है, ये मिसाइल पूरे पाकिस्तान के साथ-साथ चीन को भी निशाना बना सकती है जबकि पाकिस्तान के पास लंबी दूरी की मिसाइल के नाम पर शाहीन-2 है जो 2500 किलोमीटर तक ही वार कर सकती है।  .

पाकिस्तान के परमाणु हमलों से बचने के लिए भारत एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी तैयार कर रहा है, जबकि पाकिस्तान के पास इस वक्त ऐसा कोई डिफेंस सिस्टम नहीं है। अगर पाकिस्तान भारत पर परमाणु हमला करके, भारत के सभी परमाणु ठिकानों को नष्ट भी कर दें, तब भी भारत पाकिस्तान पर परमाणु हमला कर सकता है। क्योंकि भारत के पास Second Strike Capability है,यानी भारत परमाणु पनडुब्बी से मिसाइल छोड़कर पाकिस्तान को तबाह कर सकता है। भारत ने हाल ही में K-4 SLBM मिसाइल का सफल टेस्ट किया है,

जो 3 हज़ार किलोमीटर तक वार कर सकती है। भारत मिराज, सुखोई, MIG-29, Jaguar और तेजस विमानों से परमाणु हमले करने में सक्षम है। जबकि पाकिस्तान के Black Panther, Black Spider और F-16 विमानों में परमाणु मिसाइलें लगाई जा सकती हैं। भारत का रक्षा बजट भी पाकिस्तान के मुकाबले करीब 6 गुना ज्यादा है। पाकिस्तान का रक्षा बजट सिर्फ 47 हज़ार करोड़ रुपये का है जबकि भारत का रक्षा बजट 2 लाख 58 हज़ार करोड़ रुपये है। .

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने परमाणु कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा था कि पाकिस्तान घास की रोटी खा कर गुज़ारा कर लेगा, लेकिन परमाणु बम जरूर बनाएगा, आज हालात ये हैं कि पाकिस्तान का रक्षा बजट उसके कुल बजट का 19 प्रतिशत है, यानी ऐसे ही चलता रहा तो एक दिन पाकिस्तान के लोग सच में घास की रोटी खाने पर मजबूर हो जाएंगे। अब आपको ये बताते हैं कि परमाणु बम का थोक विक्रेता बन चुका पाकिस्तान, कैसे अपने ही देश की जनता की उम्मीदों पर परमाणु बम गिरा रहा है। ये जानकर आपको हैरानी होगी पाकिस्तान की आधी युवा आबादी पढ़ना लिखना नहीं जानती।

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हर तीसरा पाकिस्तानी गरीबी रेखा से नीचे ज़िंदगी गुजार रहा है। पाकिस्तान के ज़्यादातर शहरों में 12 से 20 घंटे तक बिजली नहीं आती और पाकिस्तान की करीब आधी आबादी आतंकवाद से जूझ रही है। हालात ये हैं कि पैसों की कमी के चलते पाकिस्तान पिछले 18 वर्षों से census भी नहीं करा पाया है। यानी पाकिस्तान को परमाणु बमों की तो पूरी जानकारी है लेकिन वो अपने लोगों के रहन-सहन के बारे में कुछ नहीं जानता। .

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