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अब वामपंथियों ने देश के भारत नाम पर आपत्ति जताई! अमेरिका में कहा इतिहास बदलो

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वामपंथियों से भारत को परेशानी सिर्फ भारत में ही नहीं है। अब भारत के लिए वो अमेरिका में भी परेशानी खड़े कर रहे हैं। वामपंथियों ने कैलिफोर्निया बोर्ड को लिखकर कहा है कि आजादी से पहले भारतीय महाद्वीप के इतिहास को दक्षिण एशिया के इतिहास की तरह पढ़ाने की सिफारिश की है। उनका कहना है कि आजादी से पहले भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान की सीमाएं मिलती थी इसलिए इसे दक्षिण एशिया के इतिहास के तौर पर पढ़ाया जाना चाहिए। 
दक्षिणपंथियों ने इसका विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि भले ही इनकी सीमाएं आज अलग हो गई हैं लेकिन पहले भी इसे भारत के नाम से हीं जाना जाता था। तर्क में कहा गया है कि वास्को-डि-गामा भारत ढूंढने गया था, साउथ एशिया नहीं। ब्रिटिश इस्ट इंडिया कंपनी थी न कि साउथ एशिया कंपनी। यूनिवर्सिटी ऑफ सैन फ्रांसिस्को की मीडिया स्टडीज की प्रोफेसर वामसी जुलुरी ने भी वामपंथी राय का विरोध किया है। 
आपको बता दें कि आजादी से पहले भी पूरे महाद्वीप को भारत के नाम से हीं जाना जाता था। भारत की महानता के नाम पर हीं इसके दक्षिणी हिस्से वाली महासागर को हिंद महासागर का नाम दिया गया था। 

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